📘 पाठ — नहीं होना बीमार
लेखक — स्वयं प्रकाश
📝 सरल सारांश
‘नहीं होना बीमार’ स्वयं प्रकाश द्वारा लिखित एक हास्यपूर्ण और शिक्षाप्रद कहानी है। इसमें एक बच्चे के माध्यम से बताया गया है कि बीमारी का झूठा बहाना बनाकर स्कूल से छुट्टी लेना परेशानी का कारण बन सकता है।कहानी की शुरुआत में लेखक अपनी नानी के साथ पड़ोसी सुधाकर काका को देखने अस्पताल जाता है। अस्पताल का साफ-सुथरा और शांत वातावरण तथा काका को मिल रही सुविधाएँ देखकर बच्चे को लगता है कि बीमार होना तो आराम की बात है। जब वह काका को साबूदाने की खीर खाते देखता है, तो उसके मन में इच्छा होती है कि वह भी बीमार हो जाए।
कुछ दिनों बाद उसका स्कूल जाने का मन नहीं करता और उसका होमवर्क भी अधूरा रहता है। स्कूल में सजा से बचने के लिए वह बीमारी का बहाना बनाता है। वह नानी से कहता है कि उसके सिर और पेट में दर्द है तथा उसे बुखार भी है।लेकिन उसकी योजना उसके लिए ही परेशानी बन जाती है। नानाजी उसे कड़वी दवा और काढ़े जैसी चाय देते हैं तथा खाना न देने की बात कहते हैं। अब उसे पूरे दिन बिस्तर पर पड़े रहना पड़ता है। वह बाहर की गली, दोस्तों और स्कूल को याद करता है और बहुत ऊबने लगता है।
धीरे-धीरे उसे बहुत तेज भूख लगती है। उसे कचौड़ी, बर्फी, चिक्की, गोलगप्पे और साबूदाने की खीर याद आने लगती है। वह सोचता है कि स्कूल चला जाता और सजा मिल भी जाती तो अच्छा था। उसे अपने झूठ पर पछतावा होने लगता है। अंत में वह घरवालों को दाल-चावल, हरी मिर्च और आम खाते देखता है। भूख और जलन से परेशान होकर वह वापस बिस्तर पर आ जाता है और पूरा दिन भूखा रहता है। इस अनुभव से उसे ऐसी सीख मिलती है कि इसके बाद उसने स्कूल से छुट्टी लेने के लिए कभी बीमारी का बहाना नहीं बनाया।
⭐ मुख्य सीख
- झूठ बोलकर जिम्मेदारी से बचना उचित नहीं है।
- बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल से छुट्टी लेना उलटा परेशानी पैदा कर सकता है।
- बिना सोचे किया गया काम बाद में पछतावे का कारण बनता है।
- हमें ईमानदार, जिम्मेदार और अनुशासित रहना चाहिए।
- किसी चीज को दूर से देखकर उसके बारे में गलत धारणा नहीं बनानी चाहिए।
🎯 परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु
| बिंदु | उत्तर |
|---|---|
| लेखक | स्वयं प्रकाश |
| पाठ का प्रकार | हास्यपूर्ण एवं शिक्षाप्रद कहानी |
| बच्चा अस्पताल क्यों गया? | नानी के साथ सुधाकर काका को देखने |
| बच्चे को अस्पताल क्यों अच्छा लगा? | वहाँ शांति, साफ-सफाई और आराम देखकर |
| उसने बीमारी का बहाना क्यों बनाया? | स्कूल जाने और अधूरे होमवर्क की सजा से बचने के लिए |
| बीमारी का बहाना बनाने पर क्या मिला? | कड़वी दवा, काढ़ा, भूख और बिस्तर पर पड़े रहने की परेशानी |
| उसे सबसे अधिक किस बात की परेशानी हुई? | भूख, ऊब और बाहर न जा पाने की |
| उसे किस बात का पछतावा हुआ? | बीमारी का झूठा बहाना बनाने का |
| कहानी के अंत में उसने क्या संकल्प लिया? | स्कूल से छुट्टी लेने के लिए कभी बीमारी का बहाना नहीं बनाएगा |
| मुख्य संदेश | ईमानदारी, जिम्मेदारी और अनुशासन का पालन करना चाहिए। |
📌 एक वाक्य में सार
‘नहीं होना बीमार’ कहानी बताती है कि झूठी बीमारी का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश अंततः स्वयं के लिए भूख, ऊब, परेशानी और पछतावे का कारण बन जाती है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें