यहाँ पर आप कक्षा VI से X तक की PPT, lesson plan, परीक्षा प्रश्न पत्र आदि डाउनलोड करके आप उनमें अपने अनुसार आवश्यक बदलाव कर सकते हैं|

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

📖 कक्षा 7 हिंदी – 04. पाठ — पानी रे पानी

 

📘 पाठ — पानी रे पानी

लेखक — अनुपम मिश्र

📝 सरल सारांश

‘पानी रे पानी’ पाठ में लेखक अनुपम मिश्र ने पानी के महत्त्व, जल-संकट, बाढ़ और जल-संरक्षण की आवश्यकता को सरल ढंग से समझाया है। लेखक बताते हैं कि पानी हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन हम इसके संरक्षण के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं।

हमने विद्यालय में जल-चक्र के बारे में पढ़ा है—सूर्य की गर्मी से पानी भाप बनता है, बादल बनते हैं, वर्षा होती है और पानी नदियों के माध्यम से फिर समुद्र में पहुँच जाता है। लेकिन वास्तविक जीवन में पानी का संतुलन बिगड़ गया है। कई स्थानों पर नलों में पानी नहीं आता और जब आता है तो रात या बहुत सुबह जैसे असुविधाजनक समय पर आता है। गर्मी के दिनों में पानी की कमी के कारण लोगों को रात की नींद छोड़कर पानी भरना पड़ता है। पानी के लिए लोगों में झगड़े होने लगते हैं। कुछ लोग मोटर लगाकर दूसरों के हिस्से का पानी भी खींच लेते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। कई शहरों में पानी खरीदकर पीना पड़ता है और कुछ क्षेत्रों में अकाल जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।

इसके विपरीत, वर्षा ऋतु में बहुत अधिक पानी होने से बाढ़ आ जाती है। घरों, स्कूलों, सड़कों और रेल की पटरियों पर पानी भर जाता है तथा जनजीवन रुक जाता है। इसलिए लेखक कहते हैं कि अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। लेखक पानी बचाने को समझाने के लिए गुल्लक का उदाहरण देते हैं। जैसे हम थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर गुल्लक भरते हैं, उसी प्रकार वर्षा के पानी को तालाबों, झीलों और अन्य जलस्रोतों में जमा करके धरती की ‘गुल्लक’ भरनी चाहिए। यह पानी धीरे-धीरे जमीन में जाकर भूजल भंडार को समृद्ध करता है।

लेकिन हमने लालच में तालाबों और जलस्रोतों को कचरे से भरकर उन पर मकान, बाजार, स्टेडियम आदि बना दिए। इससे पानी जमा करने की प्राकृतिक व्यवस्था नष्ट हो गई। परिणामस्वरूप गर्मी में नल सूखते हैं और बरसात में बस्तियाँ डूबने लगती हैं।

अंत में लेखक संदेश देते हैं कि हमें तालाबों, नदियों, झीलों और अन्य जलस्रोतों की रक्षा करनी चाहिए, वर्षा के पानी को रोकना चाहिए और भूजल को सुरक्षित रखना चाहिए। तभी हम पानी की कमी और बाढ़ जैसी समस्याओं से बच सकेंगे।

⭐ मुख्य सीख

  • जल जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
  • पानी की कमी और अधिकता—दोनों समस्याएँ गंभीर हैं।
  • अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
  • वर्षा के पानी को रोककर उसका संरक्षण करना चाहिए।
  • तालाब, झील और नदियाँ हमारे महत्वपूर्ण जलस्रोत हैं।
  • भूजल का संरक्षण आवश्यक है।
  • लालच में जलस्रोतों को नष्ट नहीं करना चाहिए।
  • जल बचाना अर्थात् भविष्य के जीवन को सुरक्षित करना।

🎯 परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु

बिंदुउत्तर
लेखकअनुपम मिश्र
मुख्य विषयजल का महत्त्व और जल-संरक्षण
जल-चक्रभाप → बादल → वर्षा → नदी → समुद्र
गर्मी की समस्याजल-संकट और अकाल जैसी स्थिति
बरसात की समस्याबाढ़ और जलभराव
दोनों को क्या कहा गया है?एक ही सिक्के के दो पहलू
गुल्लक किसका प्रतीक है?जल-संचय/जल-संरक्षण का
धरती को क्या कहा गया है?बहुत बड़ी गुल्लक
जलस्रोततालाब, झील, नदी आदि
भूजल कैसे बढ़ता है?तालाबों आदि में जमा पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसकर भूजल में मिलता है
जलस्रोत नष्ट करने का परिणामगर्मी में पानी की कमी और बरसात में बाढ़
समाधानवर्षा जल संचयन, जलस्रोतों की रक्षा और भूजल संरक्षण

📌 एक वाक्य में सार

‘पानी रे पानी’ पाठ हमें सिखाता है कि वर्षा के पानी को सँजोकर, तालाबों-झीलों और नदियों की रक्षा करके तथा भूजल को सुरक्षित रखकर ही हम जल-संकट और बाढ़ जैसी समस्याओं से बच सकते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें