अनुपम मिश्र द्वारा रचित पाठ 'राजस्थान की रजत बूँदें' मरुभूमि में जल-संकट और उसके अनूठे समाधान 'कुंई' के निर्माण का अत्यंत सजीव एवं प्रामाणिक वर्णन करता है
कुंई और कुएँ में अंतर: कुआँ गहराई में मौजूद खारे भूजल को निकालने के लिए बनता है, जबकि कुंई का निर्माण धरातल और पाताल के बीच रेत में समाई नमी को बूँद-बूँद कर इकट्ठा करने के लिए किया जाता है
। कुंई का व्यास कुएँ की तुलना में बहुत छोटा होता है ताकि कम मात्रा में रिसने वाला पानी भी थोड़ा ऊँचाई ले सके, जिसे आसानी से निकाला जा सके और उसका वाष्पीकरण भी कम हो । पानी के तीन रूप: लेखक ने मरुभूमि में पानी को तीन रूपों में बाँटा है- 1. पालरपानी (सीधे बरसात से धरातल पर बहने वाला जल, जैसे नदी/तालाब), 2. पातालपानी (कुओं में मिलने वाला भूजल जो प्रायः खारा होता है), और 3. रेजाणीपानी (धरातल के नीचे लेकिन पाताल से ऊपर रेत में नमी के रूप में समाया मीठा जल)
। कुंइयाँ इसी 'रेजाणीपानी' को समेटती हैं । खड़िया पत्थर की पट्टी का महत्त्व: रेत के नीचे 10-15 से लेकर 50-60 हाथ की गहराई पर खड़िया पत्थर की एक कठोर पट्टी पाई जाती है
। यह पट्टी वर्षा के मीठे 'रेजाणीपानी' को नीचे मौजूद खारे 'पातालपानी' में मिलने से रोकती है और उसे नमी के रूप में सहेज कर रखती है । चेजारो और कुंई निर्माण का जोखिम: कुंई खोदने और उसकी कुशल चिनाई करने वाले कारीगरों को 'चेजारो' (चेलवांजी) कहा जाता है
। वे अत्यंत संकरी गहराई में उकड़ूँ बैठकर 'बसौली' से खुदाई करते हैं । मिट्टी को धँसने से रोकने के लिए वे 'खींप' नामक घास से मोटे रस्से (कुंडली) बनाकर या अरणी, कैर आदि की लकड़ी के लट्ठों से कुंई की चिनाई करते हैं । सामाजिक सामंजस्य और 'आच प्रथा': यद्यपि कुंई व्यक्तिगत संपत्ति होती है, लेकिन यह गाँव की सार्वजनिक ज़मीन पर बनाई जाती है
। चूँकि हर नई कुंई का अर्थ उस क्षेत्र की सीमित नमी का बँटवारा है, इसलिए इस पर ग्राम-समाज का अंकुश रहता है । कुंई के सफल निर्माण (सजलता) पर उत्सव मनाया जाता है और 'आच प्रथा' के तहत चेजारो को केवल मज़दूरी ही नहीं, बल्कि वर्ष भर के तीज-त्योहारों व फ़सल आने पर खलियान से विशेष भेंट (नेग) और अनाज दिया जाता है ।
1.📥Click here for the quiz
2.📥 Click here to download the PPT
3.📥 Click here to download the PDF
4.📥 Click here to download Competency-Based Questions
5.🧠 Click here to download the Mind Map
6.📚 Click here to download Difficult Words
7.📝 Click here to download the Worksheet
8.📘 Click here to download the Lesson Plan
9.📖 Click here to download Passage-Based Questions

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें