प्रस्तुत पाठ प्रसिद्ध गुजराती कवि उमाशंकर जोशी द्वारा रचित दो कविताओं 'छोटा मेरा खेत' और 'बगुलों के पंख' के हिंदी अनुवाद पर आधारित है
1. छोटा मेरा खेत
कागज़ और खेत की तुलना: कवि ने साहित्य रचने की प्रक्रिया को खेती के रूपक से समझाया है; जहाँ कागज़ का एक चौकोर पन्ना कवि के लिए एक 'छोटे खेत' के समान है
। भाव रूपी बीज और कल्पना: जिस प्रकार खेत में बीज बोया जाता है, वैसे ही किसी भावनात्मक आँधी (अंधड़) के प्रभाव से कागज़ रूपी खेत में किसी 'क्षण' का विचार या भाव रूपी बीज बोया जाता है
। यह बीज 'कल्पना' रूपी रसायन को पीकर अपने मूल स्वरूप (अहंकार) को पूरी तरह मिटा देता है । सृजन और अलौकिक रस: बीज के गलने के बाद उसमें से 'शब्दों' के अंकुर फूटते हैं और वह कविता रूपी पल्लव-पुष्पों से लदकर एक पूर्ण कृति बन जाता है
। रस का अक्षय पात्र: इस साहित्यिक रचना से जो आनंद (अलौकिक रस) पैदा होता है, वह एक 'अक्षय पात्र' के समान है
। खेत का अन्न कुछ समय बाद समाप्त हो जाता है, लेकिन उत्तम साहित्य का रस अनंत काल तक लुटने (असंख्य पाठकों द्वारा पढ़े जाने) के बावजूद कभी कम नहीं होता ।
2. बगुलों के पंख
प्राकृतिक सौंदर्य का जादू: यह एक सुंदर दृश्य-प्रधान कविता है जिसमें काले कजरारे बादलों से भरे आकाश में एक पाँती (पंक्ति) बनाकर उड़ते हुए सफेद बगुलों के सौंदर्य का मनोहारी चित्रण है
। साँझ की श्वेत काया: बादलों के बीच उड़ते सफेद बगुले कवि को ऐसे प्रतीत होते हैं मानो साँझ (शाम) की कोई सतेज 'श्वेत काया' हवा में तैर रही हो
। दृष्टि का बँधना: यह दृश्य इतना सम्मोहक है कि यह हौले-हौले अपनी माया से कवि को बाँध लेता है और उसकी आँखें चुरा ले जाता है (अर्थात कवि की नज़रें उसी दृश्य पर अटक जाती हैं)
। दृश्य को रोकने की गुहार: कवि इस अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य में इतना खो जाता है कि वह गुहार लगाता है कि कोई इस मोहक दृश्य को थोड़ी देर के लिए रोक ले, ताकि वह इसके प्रभाव में कुछ पल और ठहर सके
।
1.📥Click here for the quiz
2.📥 Click here to download the PPT
3.📥 Click here to download the PDF
4.📥 Click here to download Competency-Based Questions
5.🧠 Click here to download the Mind Map
6.📚 Click here to download Difficult Words
7.📝 Click here to download the Worksheet
8.📘 Click here to download the Lesson Plan
9.📖 Click here to download Passage-Based Questions

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें