यहाँ पर आप कक्षा VI से X तक की PPT, lesson plan, परीक्षा प्रश्न पत्र आदि डाउनलोड करके आप उनमें अपने अनुसार आवश्यक बदलाव कर सकते हैं|

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026

कक्षा 8, पाठ 2.दो गौरैया'

प्रस्तुत पाठ  में मुख्य रूप से भीष्म साहनी द्वारा रचित कहानी 'दो गौरैया' और पंचतंत्र की प्रसिद्ध कथा 'मित्रलाभ' का संकलन किया गया है। 

1. दो गौरैया (भीष्म साहनी)

  • घर या सराय: लेखक के घर में चूहों, छिपकलियों, कबूतरों, चमगादड़ों और तरह-तरह के पक्षियों का आना-जाना लगा रहता है, जिसे देखकर पिताजी झल्लाते हुए घर को 'सराय' कहते हैं।

  • घोंसले का निर्माण: एक दिन दो गौरैयाँ घर के अंदर आती हैं और छत वाले पंखे के गोले में तिनके लाकर अपना घोंसला (बिछावन) बना लेती हैं।

  • पिताजी का गुस्सा: पिताजी उन्हें घर से निकालने की ज़िद पकड़ लेते हैं और लाठी से उन्हें डराने, दरवाजे बंद करने और उनका घोंसला तोड़ने की हर संभव कोशिश करते हैं। वहीं माँ उनकी इन कोशिशों पर हँसती हैं और व्यंग्य करती हैं कि ये अब घर से नहीं जाएँगी।

  • हृदय परिवर्तन: जब पिताजी स्टूल पर चढ़कर लाठी से घोंसला नोंचकर गिरा रहे होते हैं, तभी उन्हें घोंसले के अंदर से नन्हीं गौरैयों (बच्चों) की 'चीं-चीं' की आवाज़ सुनाई देती है। उन छोटे बच्चों को देखकर पिताजी अवाक् रह जाते हैं, उनका गुस्सा शांत हो जाता है और वे लाठी छोड़कर चुपचाप कुर्सी पर बैठ जाते हैं। अंततः माँ दरवाजे खोल देती हैं और माता-पिता गौरैयाँ अंदर आकर अपने बच्चों को दाना (चुग्गा) खिलाने लगती हैं, जिसे देखकर पिताजी भी मुसकुराने लगते हैं।

1.📥Click here for the quiz

2.📥 Click here to download the PPT

3.📥 Click here to download the PDF

4.📥 Click here to download Competency-Based Questions

5.🧠 Click here to download the Mind Map

6.📚 Click here to download Difficult Words

7.📝 Click here to download the Worksheet

8.📘 Click here to download the Lesson Plan

9.📖 Click here to download Passage-Based Questions

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें