प्रस्तुत पाठ पंजाबी साहित्य के विद्रोही कवि 'पाश' (अवतार सिंह संधू) द्वारा रचित प्रसिद्ध कविता 'सबसे खतरनाक' पर आधारित है
सामान्य खतरे बनाम वास्तविक खतरे: कवि का मानना है कि पुलिस की मार, मेहनत की कमाई लुट जाना, गद्दारी-लोभ, या बिना किसी कारण पकड़े जाना बुरी बातें ज़रूर हैं, लेकिन ये 'सबसे खतरनाक' नहीं होतीं
। सपनों का मरना: कवि के अनुसार सबसे खतरनाक स्थिति वह है जब मनुष्य के भीतर से अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की तड़प खत्म हो जाती है और वह मुर्दा शांति से भर जाता है
। इंसान का एक मशीन की तरह रोज़मर्रा के क्रम में सिर्फ घर से काम पर जाना और लौट आना, और उसके भीतर 'सपनों का मर जाना' सबसे खतरनाक है । संवेदनशून्यता और तटस्थता: वह आँख सबसे खतरनाक है जो अन्याय देखकर भी बर्फ की तरह जमी रहे, जो दुनिया को प्यार से चूमना भूल जाए और अंधेपन में खो जाए
। इसी तरह, किसी हत्याकांड के बाद वीरान आँगनों में निकला चाँद अगर लोगों की आँखों में मिर्च की तरह नहीं गड़ता (अर्थात लोग अन्याय देखकर भी क्रोधित नहीं होते), तो वह चाँद सबसे खतरनाक है । आत्मा की मृत्यु और निराशा: वह दिशा सबसे खतरनाक है जिसमें इंसान की 'आत्मा का सूरज' डूब जाए
। वह रात सबसे खतरनाक है जो ज़िंदा रूहों के आसमान पर छा जाए और जहाँ सिर्फ उल्लू और गीदड़ बोलें (घोर निराशा और अज्ञानता) ।
यह कविता स्पष्ट करती है कि दुनिया की विद्रूपताओं और शोषण से भी अधिक खतरनाक लोगों की वह तटस्थता और संवेदनहीनता है, जहाँ विपरीत परिस्थितियों को बदलने का संकल्प और बेहतर भविष्य के सपने पूरी तरह खत्म हो जाते हैं
1.📥Click here for the quiz
2.📥 Click here to download the PPT
3.📥 Click here to download the PDF
4.📥 Click here to download Competency-Based Questions
5.🧠 Click here to download the Mind Map
6.📚 Click here to download Difficult Words
7.📝 Click here to download the Worksheet
8.📘 Click here to download the Lesson Plan
9.📖 Click here to download Passage-Based Questions

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें